वर्तमान समय में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती किरण यादव है। एक प्रधानाचार्या प्रशासन से जुडी सभी गतिविधियों का प्रबंध करता है, उसे स्कूल का प्रधानाचार्या माना जाता है स्कूल की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करना और स्कूल को सफलता पूर्वक चलाने के लिए स्कूल प्रिंसिपल जिम्मेदार है जिन उम्मीदवारो में नेतृत्व के गुण और शिक्षण के प्रति समर्पण है वे स्कूल प्रिंसिपल के रूप में चुन सकते है। एक स्कूल प्रिंसिपल का काम स्कूल की नीतियों को लागू करना है शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के साथ काम करना और छात्रों की समस्याओ से निपटना है।
चूँकि यह अत्यधिक जिम्मेदारी का कार्य है स्कूल प्रिंसिपल अपने कार्यो में काफी व्यस्त है लेकिन यह एक पुरस्कृत कार्य है जिसमे कभी कभी हास्य की भावना की आवश्यकता होती है यदि उम्मीदवार शिक्षा में परम्परागत है तो वे स्कूल के प्रिंसिपल बनने के बारे में सोच सकते है। प्रिंसिपल न केवल छात्रों व शिक्षकों के भविष्य को आकर देते है बल्कि उनके निर्णयों का समाज और देश के विकास पर बहुत प्रभाव पड़ेगा वे शिक्षकों को नियुक्त करते है और कोचिंग देते है। छात्र अनुशासन प्रक्रियाओं की निगरानी करते है और पूरे स्कूल को सुचारु रूप से चलाने के लिए अत्यधिक प्रयास करती है। अनुशासन बनाये रखने से लेकर किसी स्कूल प्रशासनिक और वित्तीय और शैक्षणिक गति विधियों को सँभालने तक, स्कूल प्रिंसिपल की प्रमुख भूमिका निभाती है। वह शिक्षकों को काम पर रखने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देती है हमारी प्रिंसिपल स्कूल को बहुत ही सुचारु रूप से चलाती है। सारी व्यवस्थाओ का ध्यान रखती है।